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मजबूती की बुनियाद
July 10, 2019 • RAGINI SINGH

 

 

मोदी-2.0 सरकार के पहले बजट का मकसद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को एक समेकित रूप देना है। सरकार ने फरवरी में पेश अपने अंतरिम बजट में अनेक कार्यक्रमों को जमीन पर उतारा था। अब उन्हें एक निश्चित दिशा और मजबूती देने की कोशिश की गई है। इस बजट का जोर इस बात पर है कि साधन संपन्न वर्ग से टैक्स वसूल कर और विनिवेश के जरिए पूंजी जुटाकर उसे आमजन के लिए योजनाओं पर खर्च किया जाए। बजट में बुनियादी क्षेत्र को खासी तवज्जो दी गई है क्योंकि इस सेक्टर में रोजगार पैदा करने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं। सरकार बेरोजगारी दूर करने की चुनौती से लगातार जूझ रही है। इसलिए उसने अगले पांच सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इससे संबंधित प्रॉजेक्ट गांव और शहर के बीच खाई को कम करने का काम करेंगे।
बजट में सड़क, वॉटरवे, मेट्रो और रेल के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। जाहिर है ये पूंजी निवेश को आकर्षित करने में भी अहम साबित होंगे। इसके लिए कई क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाने की बात भी कही गई है। सरकार उड्डयन, मीडिया, एनिमेशन और बीमा में एफडीआई बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करेगी। बीमा क्षेत्र में तो वह 100 प्रतिशत तक एफडीआई चाहती है। निवेश बढ़ाने के लिए प्रवासी भारतीयों के निवेश के रास्तों को आसान किया जाएगा। सरकार के सामने एक और चुनौती बाजार में मांग पैदा करना और रीयल, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में कायम शिथिलता को तोडऩा भी है। इसे ध्यान में रखकर होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले इनकम टैक्स छूट को साल में 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है। यह छूट 45 लाख रुपये तक के मकान पर मिलेगी। इससे रीयल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ मकान बनाने का प्रस्ताव भी इस क्षेत्र में आए ठहराव को दूर करेगा। बैंक ज्यादा से ज्यादा ऋण दे सकें, इसके लिए सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। वित्त वर्ष 2019-20 के विनिवेश लक्ष्य को बढ़ाकर 1,05,000 करोड़ रुपये किया गया है। अंतरिम बजट में इसे 90,000 करोड़ रुपये रखा गया था। 
रेलवे में साल 2030 तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अनेक कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी जिनके लिए पीपीपी मॉडल के जरिए निवेश किया जाएगा। सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी। विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित किया जाएगा। स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना भी बजट का प्रमुख अजेंडा है। इसमें इलेक्ट्रिक कारों को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार ने इन पर जीएसटी की दरों में कटौती की है। साथ ही इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर इनकम टैक्स में भी छूट दी जाएगी। देखना है, बजट विकास दर को कितना आगे ले जाता है।